एक्यूरेट मे एम बी ए का ओरिएंटशन

अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीना ही सफलता-करन वाही
दिनांक 23 अगस्त 2016 को नॉलेज पार्क 3 स्थित एक्यूरेट इंस्टीट्यूट के एम बी ए प्रोग्राम का ओरियंटशन किया गया जिसमे पूर्व क्रिकेटर व जाने माने अभिनेता करन वाही को मुख्य अथिति के रूप मे आमंत्रित किया गया। ओरियंटशन के पहले दिन देश के विभिन्न हिस्से से छात्र-छात्राओं ने रिपोर्ट किया। ओरियंटशन मे मुख्य अथिति करन वाही के साथ साथ संस्था की समूह निदेशिका पूनम शर्मा, निदेशक डा पी के पचौरी, निदेशक-प्रशासन डा ऐस के डुबे, विभाग अध्यक्ष डा विकास गर्ग व अन्य प्राध्यापक सम्मालित रहे। अभिनेता करन वाही ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम व द्रण निश्चय प्रत्येक सफलता की कुंजी होती है। उन्होने कहा भारत युवाओं का देश है इस देश कि सबसी बड़ी ताकत युवाओ कि ऊर्जा है। इस ऊर्जा का सही इस्तेमाल देश के निर्माण मे होना चाहिए ।श्री वाही ने कहा कि विश्व मे प्रतिस्पर्धा का दौर है इस दौर मे आपको हर वक़्त सचेत और गतिशील रहना होता है। उन्होने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रबंधन के छेत्र मे अपार संभावनाएँ है, अवसरो का बोध करना व उसका दोहन करना ही उचित प्रबंधकीय सोच होगी। संस्था की समूह निदेशिका सुश्री पूनम शर्मा ने मुख्य अतिथि व छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि हम शिक्षा के क्षेत्र मे गुणवत्ता को लेकर काफी सजग है। शिक्षा कि गुणवत्ता के साथ कोई भी समझोता नहीं किया जाएगा। उन्होने कहा कि पिछले कई वर्षो से एक्यूरेट ने परीक्षा परिणाम व प्लेसमेंट को लेकर कई उपलब्धियां हासिल कि है। उन्होने बताया कि हम गत कई वर्षों से 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त कर रहे है तथा प्रत्येक छात्र को उसकी योग्यतानुसार उचित जॉब भी दिलाते रहे है।एक्यूरेट के इस मुकाम के लिए उन्होने सभी प्राध्यापको का धन्यवाद प्रस्तुत किया। संस्था के महानिदेशक डा सरोज कुमार दत्ता ने छात्र छात्राओ से अपने आई आई एम के अनुभवो को साझा किया उन्होने बताया कि देश कि प्रबंधन शिक्षा मे काफी मूलभूत बदलाव लाने कि आवश्यकता है। प्रबंधन शिक्षा का उद्देश्य मात्र जॉब पाना नहीं है अपितु देश कि अर्थव्यवस्था को गतिमान रखने के लिए उद्यमिता को बड़ावा देना है । उन्होने छत्रों से शिक्षा को उद्योग जगत से जोड़कर हासिल करने कि अपील कि। निदेशक डा प्रवीण पचोरी ने नवागंतुक छात्र-छात्राओ को संबोधित करते हुए देश व समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभाने को कहा। डा पचौरी ने छत्रों को ‘आउट ऑफ द बॉक्स थिंकिंग’ के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि अपनी सोच का दारा बदलो, नई चीचो को स्वीकार करो एवं अपने कम्फर्ट को तोड़ो। उन्होने कहा कि जितनी भी सफलता कि कहानी लिखी गयी है उनके पीछे कठोर परिश्रम व लगन का योगदान ही अति महत्वपूर्ण है। निदेशक-प्रशासन डा ऐस के डुबे ने छत्रों को आने वाली चुनोतियों को सामने करने के गुर सिखाये। उन्होने उद्योग जगत मे सॉफ्ट स्किल्स कि उपियोगिता पर ज़ोर दिया। डा डुबे ने सॉफ्ट स्किल्स कि चर्चा करते हुए कहा कि हम जिंदगी मे बहुत सारे लोगो के साथ डील करते है जिनमे से कुछ कठिन प्रतीत होते है। वास्तव मे ये लोग कठिन नहीं बल्कि भिन्न होते है। विभाध्यक्ष डा विकास गर्ग ने सभी अतिथि व अभिववकों को धन्यवाद प्रस्तुत किया॥

एक्यूरेट मे स्वतन्त्रता दिवस पर क्विज व वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

छात्र सहीदों के बलिदान का मूल्य समझें- पूनम शर्मा

मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देशानुसार एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालजी प्लॉट संख्या ४९ नॉलेज पार्क ३ ग्रेटर नोएडा (यू पी),मे स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष मे 9 अगस्त से 15 अगस्त तक विभिन्न देशभक्ति के कार्यकर्मों का आयोजन हो रहा है। दिनांक 9 व 10 अगस्त को आज़ादी की लड़ाई पर आधारित प्रश्नो की एक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमे पी जी डी एम के छत्र छात्राओं के साथ साथ प्राध्यापक व अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। क्विज का संचालन क्विज मास्टर रिपुदमन गौड़ ने किया। उसके बाद स्वतन्त्रता पर आधारित विभिन्न मुद्दो पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमे छत्र-छात्राओं ने अपने विचारो को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। एक्यूरेट की समूह निदेशिका सुश्री पूनम शर्मा ने कहा कि जिस देश में चंद्रशेखर आजाद ,भगत सिंह, राजगुरू, सुभाष चन्द्र, खुदिराम बोस, रामप्रसाद बिस्मिल जैसे क्रान्तिकारी तथा गाँधी, कलाम जैसे देशभकत रहे हो उस देश को गुलाम कैसे रखा जा सकता है ।देशभक्तों के अति महत्वपूर्ण योगदान से 14 अगस्त की अर्धरात्री को अंग्रेजों के उत्पीड़न एवं अत्याचार से हमें आजादी प्राप्त हुई थी। ये आजादी अमूल्य है क्योंकि इस आजादी में हमारे असंख्य पूर्वजों का संघर्ष, त्याग तथा बलिदान समाहित है।

ये आजादी हमें उपहार में नही मिली है। वंदे मातरम् और इंकलाब जिंदाबाद की गर्जना करते हुए अनेक वीर देशभक्त फांसी के फंदे पर झूल गए। 13 अप्रैल 1919 को जलियाँवाला हत्याकांड, वो रक्त रंजित भूमि आज भी देश-भक्त नर-नारियों के बलिदान की गवाही दे रही है। सुश्री पूनम शर्मा ने छत्रों से आव्हान किया की पूर्वजो द्वारा दिलाई गई आजादी का मूल्य समझे। समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी समझे तभी हम अपने पूर्वजो की आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते है। उन्होने सभी छत्रों से आज़ादी शब्द को अपने भाव से व्यक्त करने को कहा जिसमे समाज से जुड़े कई मुद्दो पर छत्र व छात्राओं ने अपने भाव व्यक्त किए। मुख्य रूप से हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई एकता भाव। महिलाओ की सुरक्षा व इज्ज़त तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दो पर छात्रों ने अपने विचार प्रस्तुत किए एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालजी के महानिदेशक डा सरोज कुमार दत्ता व कार्यकारी निदेशक डा राजीव भारद्वाज ने छात्रों को विभिन्न क्रांतकारियों के बारे मे व उनके योगदान को बताया। उन्होने कहा कि आज़ादी के साथ बहुत सारी जिम्मेदारियाँ भी होती है। हम स्वतन्त्रता के उत्सव पर उन जिम्मेदारियों को भूल जाते है। देश के प्रति,समाज के प्रति व परिवार के प्रति हम अपनी जिम्मेदारियों को समझे व उनका निर्वहन करें।
आगामी दिवसो का कार्यक्रम निम्नवत रहेगा-
12 अगस्त – स्वतन्त्रता पर आधारित रंगोली व काला प्रतियोगिता
13 अगस्त- स्पोर्ट्स व सांस्कृतिक कार्यक्रम
14 अगस्त- स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम
15 अगस्त- ध्वजारोहण व स्वतन्त्रता दिवस दौड़

एक्यूरेट इंस्टीट्यूट मे देशभक्ति सप्ताह की शुरुआत

नॉलेज पार्क 3 स्थित एक्यूरेट इंस्टीट्यूट मे स्वतंत्रता दिवस के उपलक्छ मे पूरे सप्ताह देशभक्ति के विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। जैसा कि विदित है कि भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्री माननीय श्री प्रकाश जावडेकर जी का आदेश है कि 9 अगस्त से 15 अगस्त तक स्वतंत्र दिवस के उपलक्छ मे देश भक्ति पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित किया जाए। एक्यूरेट इंस्टीट्यूट के प्रबंधन तंत्र ने 9 अगस्त से 15 अगस्त तक का कार्यक्रम निर्देशित किया है। आज दिनांक 9 अगस्त को पी जी डी एम के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति के गानो को प्रस्तुत किया व देशभक्ति के गानो पर आधारित अंताक्षरी कार्यक्रम को भी प्रस्तुत किया। अंताक्षरी मे छात्र-छात्राओं के साथ साथ प्राध्यापकगणो ने भी बड़ –चड़ कर हिस्सा लिया व विद्यार्थियों को प्रेरित भी किया। एक्यूरेट इंस्टीट्यूट के महानिदेशक डा सरोज कुमार दत्ता व कार्यकारी निदेशक डा राजीव भारद्वाज ने जालिया वाला बाग से संबन्धित त्रासदी का जिक्र किया। डा सरोज कुमार दत्ता ने बताया कि 13 अप्रैल 1919 को करीब 150 आधुनिक हथियारो से लेस फिरंगियों ने 1000 से अधिक मासूम निर्दोष व निहत्ते हिन्दुस्तानियो पर गोलियो कि बौछार कर दी। उन्होने हमारे पूर्वजो द्वारा दिये गए बलिदान कि महत्वता को समझाते हुए देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को समझने पर ज़ोर दिया। कार्यकारी निदेशक डा राजीव भारद्वाज ने जालिया वाला बाग कि घटना को बताते हुए कहा कि पूरा देश उन पूर्वजो के बलिदान का ऋणी है जिन्होने हमे स्वतंत्रा दिलाने हेतु अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। डा भारद्वाज ने कहा कि आज हम विकास कि दौड़ मे इस कदर विलुप्त हो गए है कि अपने भूतकाल मे हुए बलिदान और पूर्वजो पर हुए अत्याचार को लगभग भूल गए है। हमको इस बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए इससे पूर्वजो के सपने को साकार करने कि प्रेरणा मिलेगी . संस्था मे सायकालीन क्लाससेस की जगह आने वाले सप्ताह मे देशभक्ति पर आधारित कार्यक्रमों को ही आयोजित किया जाएगा। आज के कार्यक्रम मे सभी प्राध्यापक, अनुशाशन अधिकारी, प्लेसमेंट अध्यक्ष व अन्य गड्मान्य व्यक्ति मोजूद थे.

एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालजी मे स्पोर्ट्स डे का आयोजन

खेलो से मिलती है अनुषाशन, टीम भावना, लीडरशिप, व धनात्मक प्रतिस्पर्धा कि सीख – पूनम शर्मा

नॉलेज पार्क 3 स्थित एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालजी के तत्वाधान मे पी जी डी एम के छात्र-छात्राओं ने स्पोर्ट्स डे का आयोजन किया। स्पोर्ट्स मे छात्र-छात्राओं ने शतरंज, केरम, खो-खो जैसे खेलो मे बड़ -चड़ कर हिस्सा लिया। एक्यूरेट की समूह निदेशिका सुश्री पूनम शर्मा ने कहा की आज प्रतियोगिता का युग है। हर क्षेत्र में कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ता है। इस मुकाबले में खरा उतरने के लिये चाहिये तेज बुद्धि और कठोर परिश्रम! स्वास्थ्य अच्छा होने पर ही परिश्रम करना सम्भव है। यह तो सभी जानते हैं कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। जिस तरह जीने के लिये भोजन पानी की जरूरत है उसी तरह स्वस्थ रहने के लिये खेल एवं व्यायाम बहुत जरूरी है। उन्होने खेल को प्रबंधन छेत्र से जोड़ते हुए कहा कि खेलो से आप अनुषाशन, टीम भावना, लीडरशिप, व धनात्मक प्रतिस्पर्धा भी सीखते हो। महानिदेशक डा सरोज कुमार दत्ता ने कहा कि खेल आपको केवल शारीरिक शक्ति ही प्रदान नहीं करता है बल्कि मानसिक रूप से द्रण भी बनाता है। संस्था के कार्यकारी निदेशक डा राजीव भारद्वाज ने छत्रों को विभिन्न खेलो मे बदचड़ कर हिस्सा लेने को प्रेरित भी किया। प्रोफ रिपुदमन गौड़ ने छात्र- छात्राओं को खेल भावना को सर्वोपर्य रखने को कहा। उन्होने कहा कि कई बार आप जीतते है और कई बार हार को भी स्वीकारना पड़ता है। हर को स्वीकारना व अपने आपको जीतने के लिए तयार करना ही स्पोर्ट्समेनशिप है। शतरंज के मैच मे पी जी डी एम कि नेहा, रूपक, श्यांनारायन, विमल व विमित ने हिस्सा लिया जिसमे से रूपक प्रतिस्पर्धा मे विजयी रहे। केरम प्रतियोगिता मे युसुफ, आरिफ, अंजु प्रिया, विकास, ललबहादुर, शुभाम एवं मोहित ने हिस्सा लिया जिसमे से युसुफ व आरिफ कि टीम विजयी रही अन्य प्रतिस्पर्धाओं मे बेड्मिंटिन, खो खो व स्नूकर रहे जिसमे सभी छात्र छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।