एक्यूरेट के पी जी डी एम के छात्रों ने किया दिल्ली दर्शन

दिल्ली मे देश का इतिहास, वर्तमान व भविष्य निवास करता है-पूनम शर्मा
आज दिनांक ७ सितम्बर २०१६ को पी जी डी एम प्रथम वर्ष के छात्र एवं छात्राओं को दिल्ली दर्शन के लिए ले जाया गया. जैसा की विदित है की एक्यूरेट पी जी डी एम में भारत के विभिन्न भाग से छात्र एडमिशन लेते है जिनमे से अधिकतर स्टूडेंट्स दिल्ली की संस्कृति एवं यहाँ की परंपरा से अनिभिज्ञ होते है. एक्यूरेट कॉलेज की यह परंपरा है कि छात्रों को शुरुआती सत्र में दिल्ली दर्शन के लिए ले जाया जाता है जिससे विद्यार्थी दिल्ली के अनेक ऐतिहासिक इमारते, धरोहर तथा अन्य पर्यटक स्थल जैसे इंडिया गेट, कुतबमीनार,लोटस टैम्पल, लाल किला, गांधी समाधी, हुमायु तुंब आदि स्थलों का भ्रमण कराया गया. एक्यूरेट की समूह निदेशिका सुश्री पूनम शर्मा ने बताया कि दिल्ली दर्शन के ज़रिये छात्रों को भारत की परम्परा एवं यहाँ की संस्कृति के साथ जोड़ने की कोशिश की जाती है.दिल्ली दर्शन के माध्यम से पर्यटन छेत्र में विकसित हुई सम्भानाओ को भी दर्शाया जाता है.सुश्री पूनम शर्मा ने बताया कि दिल्ली मे भारत का इतिहास, वर्तमान और भाईविष्य निहित है। उन्होने कहा कि एक कुशल मैनेजर बनने के लिए किताबी ज्ञान होने के साथ साथ सामाजिक, भोगोलिक व सांस्कृतिक ज्ञान होना भी आवश्यक है, इसी उद्देश्य के साथ प्रतिवर्ष दिल्ली दर्शन को आयोजी किया जाता है। महानिदेशक प्रोफ (डा) एस के दत्ता ने छात्रों को सम्भोधित करते हुए कहा कि एक कुशल मैनेजर बनने के लिए किताबी ज्ञान पर्याप्त नई है अपितु आज का उध्योग जगत ऐसे प्रतिभावान छात्रों को मौका देता है जो कि ज्ञान कि उपयोगिता को समझते है.। उन्होने देश कि पर्यटन उद्योग के बारे मे विस्तार से बताते हुए इसमे उत्पन्न होने वाली संभावनाओ का विश्लेषण किया। कार्यकारी निदेशक प्रोफ (डा) राजीव भरद्वाज ने विभिन्न पर्यटक स्थलों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि हर पर्यटक स्थल के साथ कोई न कोई कहानी जुडी है और हर कहानी हमें पता होनी चाहिए. अपनी धरोहरों के बारे मे ज्ञान अर्जित करने से देश को बेहतर तरीके से जानने का मौका मिलता है। उन्होने कहा कि पर्यटन की प्रेरणा राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यावसायिक, व्यापारिक आदि अनेक कारणों से प्राप्त हो सकती है । इनके अतिरिक्त मनोरंजन, अनुसंधान, अध्ययन, स्वास्थ्य-लाभ अथवा अन्य व्यक्तिगत कारण भी पर्यटन के मूल में हो सकते हैं । सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए संसार के सभी सभ्य देशों के बीच नागरिकों की यात्रा अब नित्य की दिनचर्या है । दिल्ली दर्शन के दौरान एक्यूरेट के प्रोफ रिपुदमन गौड़ व प्रोफ हरीश ने छत्रों के साथ हर स्थल का भ्रमण किया व छात्रों को हर स्थान के बारे में बारीकी से समझाया.