एक्यूरेट में एकदिवसीय मार्केटिंग सेमिनार का आयोजन

आज दिनाक 1 अक्टूबर २०१६ को करंट ट्रेंड्स एंड प्रैक्टिस विषय पर मार्केटिंग सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमे ऍम. बी. ए. व पी. जी. डी. एम. के करीब 25 छात्र व छात्राओं ने मार्केटिंग के विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे. सेमिनार को चार विभागों में बंटा गया प्राम्भिक सेशन में संस्था की समूह निदेशिका, महानिदेशक, कार्यकारी निदेशक व सभी निदेशकों ने अपने विचार व्यक्त किये. छात्र व छात्राओं की स्पीच को दो हिस्सों में पूरा किया गया अंतिम सेशन में धन्यवाद् प्रस्त्वाना व सर्टिफिकेट का वितरण किया गया. प्रोफ प्रदीप वर्मा, प्रोफ विनय झा व प्रोफ फैज़ सिद्दकी को जज के रूप मर नियुक्त किया गया जिन्होंने वर्षा कुमारी को बेस्ट प्रेजेंटेशन के लिये प्रथम व सुभम जैन को द्वितीय व रूचि पोद्धार को तृतीय स्थान दिया प्रारम्भिक सेशन में समूह निदेशिका सुश्री पूनम शर्मा ने छात्रो को बधाई देते हुए कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है छात्र व छात्राएं मार्किट में आने वाले परिवर्तन को समझते हुए उसके अनुरूप सही रणनीति का सुझाव प्रस्तुत कर रहे है. समूह निदेशिका ने कहा की आज की तारीख में कम्पटीशन इतना अधिक हो गया की हर कंपनी को मार्किट में बने रहने के लिये अधिक प्रयास करने पड़ते है कस्टमर के लिये बेहतर ऑफर देने होते है. उन्होंने रिलायंस जिओ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक कंपनी के ऑफर से बाकी कम्पनीज के ऊपर मूल्य काम करने का प्रेशर शुरू हो गया है व बाकि कम्पनीज भी अपनी मूल्यों को काम कर रहे है. महानिदेशक डा सरोज कुमार दत्ता ने कहा की पिछले एक दशक में मार्केटिंग के क्षेत्र में काफी मूलभूत परिवर्तन हुए है. उन्होंने कुछ कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा की आज कोई भी कस्टमर सिर्फ प्रोडक्ट नहीं खरीदता बल्कि ब्रांड खरीदता है. कार्यकारी निदेशक डा राजीव भरद्वाज ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मार्केटिंग सेमिनार का उद्देश्य छात्र व छात्रों को वास्तविक समस्याओ से अवगत करना है. निदेशक डा प्रवीण पचोरी ने मार्केटिंग से सम्बंधित बहुत सारे दवेलोप्मेंट्स के बारे में जानकारी देते हुए कहा की भविष्य में मार्केटिंग की परिभाषा आज के दौर से एकदम भिन्न हॉग. डायरेक्टर एम. बी. ए. डा. एस. ऐन. सिंह ने बताया कि आज इन्टरनेट व मोबाइल के समय में मार्केटिंग की परिभाषा अलग हो गई है. आज कही से भी किसी भी प्रोडक्ट को चेक व बाई किया जा सकता है. सेमिनार कोऑर्डिनेटर प्रोफ रिपुदमन गौर ने बताया कि मार्केटिंग मिक्स पूर्ण रूप से बदल चूका है. पहले कोम्पनिएस प्रोडक्ट बनती थी आज ब्रांड. पहले कम्पनीज प्राइस अपने अनुसार निर्धारित करती थी जबकि आज मार्केट खुद प्राइस निर्धारित करता है. डिजिटल मार्केटिंग, एक मुख्य धारा के रूप में उभर के आया है. प्रथम तकनिकी सेशन में 10 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमे से मुख्य रूप से पवनेश्वर दत्त ने डिजिटल मार्केटिंग, अंजू कार्की ने मोबाइल मार्केटिंग, मनीष झा ने नुरोमार्केटिंग, नेहा ने ब्रांडिंग व रूचि ने कस्टमर वैल्यू पर अपने विचार को प्रस्तुत किया. दुसरे तकनिकी सेशन में राधारानी ने डिजिटल मार्केटिन, सुरंजन ने अम्बुश मार्केटिंग, शुभम जैन ने वायरल मार्केटिंग शुभम गुप्ता ने मार्केटिंग एथिक्स पर अपने विचार व्यक्त किये. मार्केटिंग सेमिनार को संछेप में बताते हुए प्रोफ झा ने बताया की मोबाइल टेक्नोलॉजी व इनोवेशन ने मार्केटिंग की दशा व दिशा को बदल दिया है. आने वाले समय में प्रोडक्ट का डिस्ट्रीब्यूशन ड्रोन के जरिये होगा. सोशल मीडिया का इस्तेमाल अभी और अधिक मात्र में होना है.