एक्यूरेट मे स्वतन्त्रता दिवस पर क्विज व वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

छात्र सहीदों के बलिदान का मूल्य समझें- पूनम शर्मा

मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देशानुसार एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालजी प्लॉट संख्या ४९ नॉलेज पार्क ३ ग्रेटर नोएडा (यू पी),मे स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष मे 9 अगस्त से 15 अगस्त तक विभिन्न देशभक्ति के कार्यकर्मों का आयोजन हो रहा है। दिनांक 9 व 10 अगस्त को आज़ादी की लड़ाई पर आधारित प्रश्नो की एक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमे पी जी डी एम के छत्र छात्राओं के साथ साथ प्राध्यापक व अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। क्विज का संचालन क्विज मास्टर रिपुदमन गौड़ ने किया। उसके बाद स्वतन्त्रता पर आधारित विभिन्न मुद्दो पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमे छत्र-छात्राओं ने अपने विचारो को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। एक्यूरेट की समूह निदेशिका सुश्री पूनम शर्मा ने कहा कि जिस देश में चंद्रशेखर आजाद ,भगत सिंह, राजगुरू, सुभाष चन्द्र, खुदिराम बोस, रामप्रसाद बिस्मिल जैसे क्रान्तिकारी तथा गाँधी, कलाम जैसे देशभकत रहे हो उस देश को गुलाम कैसे रखा जा सकता है ।देशभक्तों के अति महत्वपूर्ण योगदान से 14 अगस्त की अर्धरात्री को अंग्रेजों के उत्पीड़न एवं अत्याचार से हमें आजादी प्राप्त हुई थी। ये आजादी अमूल्य है क्योंकि इस आजादी में हमारे असंख्य पूर्वजों का संघर्ष, त्याग तथा बलिदान समाहित है।

ये आजादी हमें उपहार में नही मिली है। वंदे मातरम् और इंकलाब जिंदाबाद की गर्जना करते हुए अनेक वीर देशभक्त फांसी के फंदे पर झूल गए। 13 अप्रैल 1919 को जलियाँवाला हत्याकांड, वो रक्त रंजित भूमि आज भी देश-भक्त नर-नारियों के बलिदान की गवाही दे रही है। सुश्री पूनम शर्मा ने छत्रों से आव्हान किया की पूर्वजो द्वारा दिलाई गई आजादी का मूल्य समझे। समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी समझे तभी हम अपने पूर्वजो की आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते है। उन्होने सभी छत्रों से आज़ादी शब्द को अपने भाव से व्यक्त करने को कहा जिसमे समाज से जुड़े कई मुद्दो पर छत्र व छात्राओं ने अपने भाव व्यक्त किए। मुख्य रूप से हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई एकता भाव। महिलाओ की सुरक्षा व इज्ज़त तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दो पर छात्रों ने अपने विचार प्रस्तुत किए एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालजी के महानिदेशक डा सरोज कुमार दत्ता व कार्यकारी निदेशक डा राजीव भारद्वाज ने छात्रों को विभिन्न क्रांतकारियों के बारे मे व उनके योगदान को बताया। उन्होने कहा कि आज़ादी के साथ बहुत सारी जिम्मेदारियाँ भी होती है। हम स्वतन्त्रता के उत्सव पर उन जिम्मेदारियों को भूल जाते है। देश के प्रति,समाज के प्रति व परिवार के प्रति हम अपनी जिम्मेदारियों को समझे व उनका निर्वहन करें।
आगामी दिवसो का कार्यक्रम निम्नवत रहेगा-
12 अगस्त – स्वतन्त्रता पर आधारित रंगोली व काला प्रतियोगिता
13 अगस्त- स्पोर्ट्स व सांस्कृतिक कार्यक्रम
14 अगस्त- स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम
15 अगस्त- ध्वजारोहण व स्वतन्त्रता दिवस दौड़

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